( I wrote this post just after listening to the electrifying adress of the new PM on 15th Aug itself. However due as I was travelling since then I could not publish it)
Today's Independence Day celebrations have been much different from earlier ones.......PM Narendra Modi's speech gave a new meaning to the event of Addressing the Nation from Ramparts of Lal Quila.
दिलों में दूरियां हों तब भी मुलाकातें होती हैं,
पर आज उनको सुनकर ऐसा लगा कि -
कोई तो है जिसकी जुबान पर दिल की बातें होती हैं।
जुबाँ पर लिखे लफ्जों को भी बातें कहते हैं,
लन्तरानियों की जलेबियों को भी जज्बातें कहते हैं,
पर आज जमीन से चुने शब्दों ने बताया कि -
जो जमीर को झकझोर दें उन्हें ही बातें कहते हैं।
कहने को कुछ ना भी हो तब भी बातें होती हैं,
अंधेरे की जिंदगी जितनी ही लम्बी रातें होती हैं,
आज फलक पर उभरते सूरज को सुनकर लगा -
जो हर जिंदगी में रोशनी भर दें वे ही बातें होती हैं।
Today's Independence Day celebrations have been much different from earlier ones.......PM Narendra Modi's speech gave a new meaning to the event of Addressing the Nation from Ramparts of Lal Quila.
बात - बात में फर्क
जब भी लोग मिलते हैं तो बातें होती हैं,दिलों में दूरियां हों तब भी मुलाकातें होती हैं,
पर आज उनको सुनकर ऐसा लगा कि -
कोई तो है जिसकी जुबान पर दिल की बातें होती हैं।
जुबाँ पर लिखे लफ्जों को भी बातें कहते हैं,
लन्तरानियों की जलेबियों को भी जज्बातें कहते हैं,
पर आज जमीन से चुने शब्दों ने बताया कि -
जो जमीर को झकझोर दें उन्हें ही बातें कहते हैं।
कहने को कुछ ना भी हो तब भी बातें होती हैं,
अंधेरे की जिंदगी जितनी ही लम्बी रातें होती हैं,
आज फलक पर उभरते सूरज को सुनकर लगा -
जो हर जिंदगी में रोशनी भर दें वे ही बातें होती हैं।
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