----------370 के बाद--------
यू एन के गलियारों में जब देखा,
हिंद का झण्डाबरदार बना है, सैयद अकबरुद्दीन*;
बड़े दिनों के बाद शहर में, आये हमरे मुल्ला नसिरुद्दीन!
मुल्ला नसरूद्दीन ने पूछा, पता ना जाने किस गाजी का,
एक शोहदा, छिना था जिसका ओहदा, बोला, "शहर है ये अब नाजी का!"
बोले नसरूद्दीन बिगड़कर, "मियाँ, तुम्हारी ये कैसी लफ्फाजी है?
गंगा-जमुनी तहजीब यहाँ की, कितना हसीं यहाँ का माजी है,
जम्हूरियत है तस्दीक़ यहाँ, क्या हुआ जो तूने हारी ये बाजी है,
अपने ही घर में आग लगाता, जाने तू किस दर्जे का पाजी है?"
# जम्हूरियत - Democracy
# तहजीब - Culture
# माजी - Past
# तस्दीक़ - Proven
# झंडाबरदार - Flag Bearer
* सैयद अकबरुद्दीन - India's permanent representative to UN
------GZB------20/8/2019----
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